ज्ञान और संस्कार के मार्गदर्शक गुरुजनों को नमन
- By
- Dilip Srivastava
- August-22-2026
गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णुः,
गुरु देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म,
तस्मै श्री गुरवे नमः॥
भारतीय संस्कृति में गुरु केवल शिक्षा प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि सत्य, सेवा, संस्कार और राष्ट्रधर्म के मार्ग पर जीवन को आगे बढ़ाने वाले प्रकाश-स्तंभ हैं। हमारी महान गुरु-शिष्य परंपरा ने भारत को ज्ञान, अध्यात्म और राष्ट्रचेतना की अमूल्य विरासत प्रदान की है।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रख्यात शिक्षाविद् आदरणीय श्री जयपाल सिंह जी का स्नेह एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।
गुरुजनों का सान्निध्य और मार्गदर्शन सदैव जीवन को नई दिशा एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
🙏 आदरणीय गुरुजनों को सादर नमन।
🇮🇳 भारत माता की जय!
🚩 वंदे मातरम्!
— दिलीप श्रीवास्तव एडवोकेट
पूर्व प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा