सेवा ही सबसे बड़ी साधना: ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार पर प्रसाद वितरण
- By
- Dilip Srivastava
- June-19-2026
🚩 जय श्री राम 🚩
भारतीय संस्कृति में सेवा, भक्ति और परोपकार को सर्वोच्च धर्म माना गया है। विशेष रूप से ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार भगवान श्री हनुमान जी की आराधना, श्रद्धा और जनसेवा के लिए अत्यंत पावन माने जाते हैं। इस दिन श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ-साथ सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन भी करते हैं।
ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर लखनऊ स्थित श्री बालाजी शक्तिपीठ, भूतनाथ, इंदिरा नगर में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप शरबत एवं चना वितरण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं की सेवा कर मन को अपार संतोष और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हुई।
भगवान श्री हनुमान जी की कृपा से आयोजित इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवा और समर्पण की भावना के साथ किया गया प्रत्येक कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे का संदेश देता है। यही भारतीय संस्कृति की विशेषता है कि भक्ति के साथ सेवा को भी समान महत्व दिया जाता है।
इस अवसर पर भगवान श्री बालाजी महाराज के चरणों में प्रदेश, समाज एवं सभी श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई। हनुमान जी का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे और हमें सदैव सेवा, सद्भाव एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहे।
सेवा, समर्पण और श्रद्धा ही सच्ची भक्ति का स्वरूप है।
🚩 जय श्री राम 🚩
🚩 जय बजरंगबली 🚩
🙏 सभी पर बालाजी महाराज की कृपा बनी रहे। 🙏