भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व नेता विधान परिषद श्रद्धेय विंध्यवासिनी कुमार जी के निधन से राजनीतिक और अधिवक्ता जगत में शोक की लहर व्याप्त हो गई। उनका निधन 12 फरवरी 2026 को हुआ था। वे एक वरिष्ठ अधिवक्ता होने के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में सक्रिय और सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे।
उनकी स्मृति में 8 मार्च 2026 को सायं 4 बजे भगवान श्री चित्रगुप्त धाम, झूलेलाल वाटिका, लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तगण, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और उनके शुभचिंतक उपस्थित हुए तथा सभी ने श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस श्रद्धांजलि सभा में हाईकोर्ट लखनऊ के अधिवक्ता दिलीप कुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे और उन्होंने स्व. विंध्यवासिनी कुमार जी के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि स्व. कुमार जी का सार्वजनिक जीवन, सामाजिक योगदान और अधिवक्ता समाज के प्रति उनका समर्पण हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
स्व. विंध्यवासिनी कुमार जी का परिवार भी अधिवक्ता और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा हुआ है। उनके दोनों पुत्र श्री लव श्रीवास्तव एडवोकेट और श्री देवेश श्रीवास्तव एडवोकेट हैं, जबकि उनकी पुत्री श्रीमती जयति श्रीवास्तव, जो भाजपा की सक्रिय नेता हैं, वे भी अधिवक्ता हैं। श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने उनके व्यक्तित्व और योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।


